अच्छे दिन तो अब आए हैं !
घर कै सक्कर महँगी होइगै,
गाड़ी सब एथनॉल सुरुकि गै।
रूपिया लुढ़कि पहुँचिगा सौ तक,
रोजगारौ सरकार डकरि गै॥
कर्ज़ामाफ़ी साहेब के भै,
रामदीन धक्का खाए हैं।
अच्छे दिन तो अब आए हैं !!
हम मंदिर-मसजिद भटकि रहेन,
वी साख बढ़ाए हैं बिदेस मा।
जब जब कस्ट मिलत पब्लिक का,
रील-रूप धरि लेत देस मा।
भक्त अउर भगवान क लूटैं,
यह समरसता लाए हैं।
अच्छे दिन तो अब आए हैं!!
धनी उड़ावैं मउज, बूड़ि गै
गाँव-गिराँव किसानी।
वोट लूटि ल्यो,देस लूटि ल्यो,
बचै न एकु निसानी।
रास्ट्र गीत रमदिनवा गावै,
तुम करौ ट्रंप-जजमानी।।
आँधरि-बहिरि बनायो पब्लिक,
पत्रकार सब बउराए हैं।
अच्छे दिन तो अब आए हैं !!
-संतोष त्रिवेदी
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