अभी थोड़ी देर पहले खबर आई कि दुनिया को अपने अद्भुत उत्पाद से चमत्कृत करने वाले स्टीव जॉब्स नहीं रहे.हिंदुस्तान के लोग उनके बारे में ज्यादा कुछ नहीं जानते पर 'एप्पल' की वज़ह से जितना जानते हैं उससे ज्यादा की शायद ज़रुरत भी नहीं है.
आज उनके न रहने पर तकनीकी क्षेत्र का एक महारथी और जादूगर चला गया.उनको हार्दिक श्रद्धांजलि !
उनके बारे में और जानें हिंदी विकिपीडिया से :
साभार :विकिपीडिया
'एप्पल' के मैकबुक,आइ-पॉड ,आई-पैड और आई फ़ोन' की पहुँच से आम भारतीय भले बाहर रहा हो लेकिन इन सभी के प्रति दीवानगी सबमें रही है.'एप्पल' के स्टोर अब भारत में भी कई जगह हैं और इन्हें न ले पाने वाले भी इसके चमत्कारी और जादुई अनुभव के गवाह हैं.इन उत्पादों में लगातार बाज़ार के दबाव के चलते समय-समय पर ज़रूरी बदलाव हुए हैं ,कीमतें भी कुछ कम हुई हैं ! नई पीढ़ी इन्हें हाथोंहाथ ले रही है.इन सभी उत्पादों का अनुभव बिलकुल परीलोक में विचरण करने जैसा लगता है.जिस भी तकनीक-पसंद ने एप्पल का कोई उत्पाद एक बार देख लिया,अनुभव कर लिया वह देर-सबेर उसे ज़रूर लेगा,ऐसी ललक पैदा करने वाले थे स्टीव जॉब्स !
स्टीव अपने स्वास्थ्य को देखते हुए थोड़े दिन पहले ही कंपनी के जिम्मेदार पद से मुक्त हो गए थे,जिससे यह भी पता चलता है कि उनके लिए प्राथमिकता में केवल 'एप्पल' का उनका सुनहरा-प्रोजेक्ट था.उन्होंने अपने रहते एप्पल में लगातार आवश्यक परिवर्तन किये और उसे अपनी तरह का अनूठा ब्रांड बना दिया.ज्यादा कीमतों की आलोचना पर वो कहते थे कि उनके 'टारगेट' में आम लोग नहीं बल्कि ख़ास लोग हैं ! केवल बिक्री बढ़ाना ही उनका उद्देश्य नहीं था.
आज उनके न रहने पर तकनीकी क्षेत्र का एक महारथी और जादूगर चला गया.उनको हार्दिक श्रद्धांजलि !
स्टीव के मित्र उनके बारे में अब क्या कहते हैं ,देखें यह लिंक !
उनके बारे में और जानें हिंदी विकिपीडिया से :
स्टीव पॉल "स्टीव" जाब्स (जन्म फरवरी २४ ,१९५५) एक अमेरिकी बिजनेस टाईकून और आविष्कारक हैं.
वे एप्पल इंक के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी थे. अगस्त २०११ में उन्होने इस पद से त्यागपत्र
दे दिया। जाब्स पिक्सर एनीमेशन स्टूडियोज के मुख्य कार्यकारी अधिकारी भी रह चुके हैं। सन २००६ में वह
दी वाल्ट डिज्नी कम्पनी के निदेशक मंडल के सदस्य भी रह चुके हैं, जिसके बाद डिज्नी ने पिक्सर का अधिग्रहण
कर लिया था. १९९५ में आई फिल्म टॉय स्टोरी में उन्होंने बतौर कार्यकारी निर्माता काम किया था.
वे एप्पल इंक के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी थे. अगस्त २०११ में उन्होने इस पद से त्यागपत्र
दे दिया। जाब्स पिक्सर एनीमेशन स्टूडियोज के मुख्य कार्यकारी अधिकारी भी रह चुके हैं। सन २००६ में वह
दी वाल्ट डिज्नी कम्पनी के निदेशक मंडल के सदस्य भी रह चुके हैं, जिसके बाद डिज्नी ने पिक्सर का अधिग्रहण
कर लिया था. १९९५ में आई फिल्म टॉय स्टोरी में उन्होंने बतौर कार्यकारी निर्माता काम किया था.
परिचय
कंप्यूटर, लैपटॉप और मोबाइल फोन बनानी वाली कंपनी एपल के भूतपूर्व सीईओ और
जाने-माने अमेरिकी उद्योगपति स्टीव जॉब्स ने संघर्ष करके जीवन में यह मुकाम हासिल किया है। कैलिफोर्निया के सेन फ्रांसिस्को में पैदा हुए स्टीव को पाउल और कालरा जॉब्स ने गोद लिया था। जॉब्स ने कैलिफोर्निया में ही पढ़ाई की। उस समय उनके पास ज्यादा पैसे नहीं होते थे और वे अपनी इस आर्थिक परेशानी को दूर करने के लिए गर्मियों की छुट्टियों में काम किया करते थे। वे लम्बी बीमारी के बाद ०५/१०/२०११ को हमारे बीच नहीं रहे !
जाने-माने अमेरिकी उद्योगपति स्टीव जॉब्स ने संघर्ष करके जीवन में यह मुकाम हासिल किया है। कैलिफोर्निया के सेन फ्रांसिस्को में पैदा हुए स्टीव को पाउल और कालरा जॉब्स ने गोद लिया था। जॉब्स ने कैलिफोर्निया में ही पढ़ाई की। उस समय उनके पास ज्यादा पैसे नहीं होते थे और वे अपनी इस आर्थिक परेशानी को दूर करने के लिए गर्मियों की छुट्टियों में काम किया करते थे। वे लम्बी बीमारी के बाद ०५/१०/२०११ को हमारे बीच नहीं रहे !
1972 में जॉब्स ने पोर्टलैंड के रीड कॉलेज से ग्रेजुएशन की। पढ़ाई के दौरान उनको अपने दोस्त के कमरे में जमीन पर सोना पड़ा। वे कोक की बोतल बेचकर खाने के लिए पैसे जुटाते थे और पास ही के कृष्ण मंदिर से सप्ताह में एक बार मिलने वाला मुफ्त भोजन भी करते थे। आज जॉब्स के पास करीब 5.1 मिलियन डॉलर की संपत्ति है और वे अमेरिका के 43वें सबसे धनी व्यक्ति थे। जॉब्स को कंप्यूटर से लेकर पार्टेबल डिवाइसिस के 230 से अधिक एप्लिकेशन के इनवेंटर या को-इनवेंटर के तौर पर जाना जाता है।

