![]() |
| साभार:गूगल बाबा |
कोई आयेगा देवदूत
जो हमें
बम,गोली,दहशत से
निज़ात दिलाएगा,
ख़बरों से अब ख़ुशी गायब है!
केवल ब्लास्ट और ब्रेकिंग है ,
ख़बरें टूट रही हैं,
डराती हैं हमें !
वो अपने मक़सद में कामयाब हैं,
हम आतंकी को क़ैद करके खुश हैं,
आतंक छुट्टा घूम रहा है !
हम अभी भी दूसरों का मुँह ताक रहे हैं,
वो हमारे लिए ड्रोन मारेगा,
हमारी जेब से निकाल कर उनको
फाँसी के फंदे पर चढ़ाएगा !
और हम
केवल योजनायें बनायेंगे,
व्यवस्था 'चाक-चौबंद'
और मुआवजा राशि बढ़ाएँगे,
पड़ोस में नयी सूची भेजकर
आराम फ़रमायेंगे ,
इस तरह जनता को भरमायेंगे,
क्योंकि
वह हमारी दूसरी जेब में है !
