१)
हर हाथ को काम,
हर हाथ है वोट ,
मोबाइल थमा के
लेंगे बटोर नोट,
लाइसेंसी लूट-खसोट !
२)
हमें हर खेल में
मात मिली है,
राजनीति और ओलम्पिक में
सत्ता ने चाल चली है,
आगे अंधी गली है !
३)
एक चाँद था
जो था फ़िदा
फिज़ा के अंदाज़ पर,
मावस की रात आई
चाँद छुप गया कहीं
फिज़ा बदहवास थी
चाँदनी-सी बिछ गई
पुरुष की बिसात पर !!
हर हाथ को काम,
हर हाथ है वोट ,
मोबाइल थमा के
लेंगे बटोर नोट,
लाइसेंसी लूट-खसोट !
२)
हमें हर खेल में
मात मिली है,
राजनीति और ओलम्पिक में
सत्ता ने चाल चली है,
आगे अंधी गली है !
३)
एक चाँद था
जो था फ़िदा
फिज़ा के अंदाज़ पर,
मावस की रात आई
चाँद छुप गया कहीं
फिज़ा बदहवास थी
चाँदनी-सी बिछ गई
पुरुष की बिसात पर !!