29 नवंबर 2012

रोशनी देगा कोई ?


ज़िन्दगी हमको कहाँ ले जाएगी,
मौत से पहले बता देगा कोई ?(1)


आखिरी शब है नहीं हो पास तुम,
यह खबर तुमको सुनाएगा कोई ?(2)


हमने किए जो फैसले ,भारी पड़े
इस राज से परदा उठाएगा कोई ?(3)


चल चुकी तलवारबाजी इस शहर में,
अब अम्न का पैग़ाम लाएगा कोई ?(4)

महफ़िलें रोशन रहीं हैं अब तलक,
बुझते दियों को रोशनी देगा कोई ?(5)

 

 

46 टिप्‍पणियां:


  1. आखिरी शब है नहीं हो पास तुम,
    यह खबर तुमको सुनाएगा कोई
    bahut khoob .

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  2. बहुत बढ़िया -

    खुबसूरत प्रस्तुति ।।

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  3. बहुत बढ़िया -

    खुबसूरत प्रस्तुति ।।

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  4. हम सहने को तैयार है,
    हम बहने को तैयार हैं।

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  5. यह सारे प्रश्न, जिसके उत्तर कोई न दे सका कोई..
    सुन्दर प्रस्तुति!

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  6. अच्छा कहा आपने
    हाथ लगे काँपने
    ठंड बढ़्ती जा रही
    तो आग लगे तापने

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  7. कल 01/12/2012 को आपकी यह बेहतरीन पोस्ट http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

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  8. बहुत खूब।
    लेकिन यह ग़ज़ल है क्या ? :)

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    1. ये अली सा कौन हैँ ।
      वैसे बहुत अच्छी रचना

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  9. आज नेशनल दुनिया में आपका एक लेख प्रकाशित हुआ है। बधाई।

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  10. @ज़िन्दगी हमको कहाँ ले जाएगी,
    मौत से पहले बता देगा कोई ?

    - वाह!

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  11. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

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    1. वीना जी,आपका आभार....समयाभाव के कारण कहीं आने-जाने में असमर्थ हूँ,कृपया क्षमा करेंगी !

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    2. समय का आभाव तो सभी के पास है संतोष जी...समय कम और काम ज्यादा...आभार व्यक्त करने के लिए समय निकाला...आपका आभार...

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  12. प्रिय ब्लॉगर मित्र,

    हमें आपको यह बताते हुए प्रसन्नता हो रही है साथ ही संकोच भी – विशेषकर उन ब्लॉगर्स को यह बताने में जिनके ब्लॉग इतने उच्च स्तर के हैं कि उन्हें किसी भी सूची में सम्मिलित करने से उस सूची का सम्मान बढ़ता है न कि उस ब्लॉग का – कि ITB की सर्वश्रेष्ठ हिन्दी ब्लॉगों की डाइरैक्टरी अब प्रकाशित हो चुकी है और आपका ब्लॉग उसमें सम्मिलित है।

    शुभकामनाओं सहित,
    ITB टीम

    पुनश्च:

    1. हम कुछेक लोकप्रिय ब्लॉग्स को डाइरैक्टरी में शामिल नहीं कर पाए क्योंकि उनके कंटैंट तथा/या डिज़ाइन फूहड़ / निम्न-स्तरीय / खिजाने वाले हैं। दो-एक ब्लॉगर्स ने अपने एक ब्लॉग की सामग्री दूसरे ब्लॉग्स में डुप्लिकेट करने में डिज़ाइन की ऐसी तैसी कर रखी है। कुछ ब्लॉगर्स अपने मुँह मिया मिट्ठू बनते रहते हैं, लेकिन इस संकलन में हमने उनके ब्लॉग्स ले रखे हैं बशर्ते उनमें स्तरीय कंटैंट हो। डाइरैक्टरी में शामिल किए / नहीं किए गए ब्लॉग्स के बारे में आपके विचारों का इंतज़ार रहेगा।

    2. ITB के लोग ब्लॉग्स पर बहुत कम कमेंट कर पाते हैं और कमेंट तभी करते हैं जब विषय-वस्तु के प्रसंग में कुछ कहना होता है। यह कमेंट हमने यहाँ इसलिए किया क्योंकि हमें आपका ईमेल ब्लॉग में नहीं मिला।

    [यह भी हो सकता है कि हम ठीक से ईमेल ढूंढ नहीं पाए।] बिना प्रसंग के इस कमेंट के लिए क्षमा कीजिएगा।

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  13. महफ़िलें रोशन रहीं हैं अब तलक,
    बुझते दियों को रोशनी देगा कोई ?(5)
    सुंदर रचना ...शुभकामनायें ....!!

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  14. जिंदगी का सफर अंजाना ही रहता है .... इस रहस्य को जानना जरूरी भी नहीं ...
    संवेदनशील शेर हैं सभी ...

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  15. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

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  16. दिनांक 16 /12/2012 (रविवार)को आपकी यह बेहतरीन पोस्ट http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर लिंक की जा रही हैं.आपकी प्रतिक्रिया का स्वागत है .
    धन्यवाद!

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  17. हमने किए जो फैसले ,भारी पड़े
    इस राज से परदा उठाएगा कोई ?(3)

    waah Bhai ji gajab kar diye ho ... :))

     नम मौसम, भीगी जमीं ..

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  18. अम्न का पैगाम! ये बड़ी ऊंची शाइरी हो गयी।

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  19. चल चुकी तलवारबाजी इस शहर में,
    अब अम्न का पैग़ाम लाएगा कोई ?(4)

    सबको अपनी-अपनी पड़ी ,कौन लायेगा !!
    जी मैं यहाँ नयी-पुरानी-हलचल से आ गई :))

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  20. खूबसूरत रचना ....

    महफ़िलें रोशन रहीं हैं अब तलक,
    बुझते दियों को रोशनी देगा कोई

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  21. बहुत ही बढियां गजल है सर....
    :-)

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  22. भावो को खुबसूरत शब्द दिए है अपने.....

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  23. बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति

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