मोदी के सर ताज है,अडवाणी कंगाल।
खुद का बोया काटते,काहे करें मलाल ?
काहे करें मलाल,बताया जिन्ना सेकुलर।
तिकड़म सब बेकार, रहे ना हिन्दू कट्टर।
अब काहे रिरियांय,फसल जो पहले बो दी।
कट्टरता का खेत, काटने आए मोदी।।
खुद का बोया काटते,काहे करें मलाल ?
काहे करें मलाल,बताया जिन्ना सेकुलर।
तिकड़म सब बेकार, रहे ना हिन्दू कट्टर।
अब काहे रिरियांय,फसल जो पहले बो दी।
कट्टरता का खेत, काटने आए मोदी।।