9 अगस्त 2012

कुछ छुट्टा अहसास !

१)
हर हाथ को काम,
हर हाथ है वोट ,
मोबाइल थमा के
लेंगे बटोर नोट,
लाइसेंसी लूट-खसोट !

२)
हमें हर खेल में
मात मिली है,
राजनीति और ओलम्पिक में
सत्ता ने चाल चली है,
आगे अंधी गली है !


३)
एक चाँद था
जो था फ़िदा
फिज़ा के अंदाज़ पर,
मावस की रात आई
चाँद छुप गया कहीं
फिज़ा बदहवास थी
चाँदनी-सी बिछ गई
पुरुष की बिसात पर !!

23 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत सुंदर !!!


    मोबाईल का करिये खेल
    ओलंपिक में चलाईये रेल
    चाँद करने लगा है देखिये
    क्या क्या घालमेल !!!

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  2. राजनीति के खेल में, चलते नित नई चाल
    बांटे फोन गरीब को, कमीशन में मिले माल,,,,

    श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएँ
    RECENT POST ...: पांच सौ के नोट में.....

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  3. बहुत सुन्दर प्रस्तुति!

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  4. राजनीति से लेकर खेल तक
    फिर खेल से लेकर प्रेम तक
    पुनः प्रेम से लेकर नारी तक
    आपका तत्व चिंतन भारी है !

    जन्माष्टमी के पर्व पर आपने
    नव विचारों को जन्म दिया
    अब उन्हें हम पालेंगे पोसेंगे
    बशर्ते कंस अनेकता में एक हो !

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    1. आपका तत्व चिंतन भारी है !

      चार चार नाव और एक ही सवारी है।

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  5. ओह ,
    बहुत जानदार छुट्टे -छुट्टे साड़ों पर ज्यादा सटीक ! छुटटो में अप्रतिम और अप्रतिहत गति है आपकी

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  6. चाँद छुप गया कहीं
    फिज़ा बदहवास थी
    चाँदनी-सी बिछ गई
    पुरुष की बिसात पर !!

    वैसे भी मतलब तो चांदनी से ही था……
    श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की अनंत शुभकामनाएँ

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  7. गजब भाई जी ||
    बधाई ||
    जय श्री कृष्ण ||

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  8. बहुत ही बढ़िया
    जन्माष्टमी की हार्दिक बधाइयाँ !!!

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  9. .......अब हो जाए छुटा छुटी और आये कुछ छुट्टा अट्ठहास!

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    1. गुरूजी,आजकल थोक में अट्टहास कर रहा हूँ !

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  10. @ हर हाथ को काम,
    हर हाथ है वोट ,
    मोबाइल थमा के
    लेंगे बटोर नोट,
    लाइसेंसी लूट-खसोट !

    - अर्थपूर्ण!

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  11. छुटटा मे जब ये आनंद है, तो बंधे में क्‍या होगा।

    सुंदर रचनाएं।

    ............
    कितनी बदल रही है हिन्‍दी !

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  12. सार्थक .. समाज पे कटाक्ष करते हुवे ...
    अर्थपूर्ण रचना ...
    सात-अश्व का रथ हांके---

    जन्माष्टमी की बधाई ...

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  13. सभी छुट्टे अहसास बहुत तीखे हैं ,खासकर पहले वाला.

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