20 अक्टूबर 2026

पगला है तू !

लोकतंत्र का राज रहेगा बरसों तक 

रावण आज ज़रूर मरेगा, पगला है तू !


जब-जब पाप बढ़ेंगे भू पर ,प्रभु आएँगे 

नेता उनका रूप धरेगा,पगला है तू !


हाकिम का दरबार भरा है चोर-लुटेरों से 

ये बातें अख़बार लिखेगा,पगला है तू !


भारत होगा विकसित सन् सैंतालिस में अब 

तब सारा संसार झुकेगा,पगला है तू !


वोट हमारा,तंत्र हमारा,संविधान है रखवाला 

नहीं कभी इंसाफ़ बिकेगा,पगला है तू !!


- संतोष त्रिवेदी 


दशहरा (20/102026)

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