लोकतंत्र का राज रहेगा बरसों तक
रावण आज ज़रूर मरेगा, पगला है तू !
जब-जब पाप बढ़ेंगे भू पर ,प्रभु आएँगे
नेता उनका रूप धरेगा,पगला है तू !
हाकिम का दरबार भरा है चोर-लुटेरों से
ये बातें अख़बार लिखेगा,पगला है तू !
भारत होगा विकसित सन् सैंतालिस में अब
तब सारा संसार झुकेगा,पगला है तू !
वोट हमारा,तंत्र हमारा,संविधान है रखवाला
नहीं कभी इंसाफ़ बिकेगा,पगला है तू !!
- संतोष त्रिवेदी
दशहरा (20/102026)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें