23 मई 2011

क़यामत की फेसबुकिया डायरी !


तारीख :ठीक महाप्रलय से एक दिन पहले (२१ मई २०११ )

क़यामत के पहले की आखिरी रात है,
कम-अस-कम आज तो जी भर सो लें!

सन्दर्भ:आजतक,कलतक,इंडिया टीवी,अमेरिका टीवी,आधुनिक बाबा (जिन बाबाओं के नाम नहीं दे पा रहा हूँ,वादा है यदि हम जिंदा रहे तो उनको मरणोपरांत श्रद्धांजलि तो दे ही देंगे !


 महाप्रलय का दिन(२२ मई २०११)

क़यामत का लाइव टेलीकास्ट:

सूरज डूब गया है,अँधेरा छा रहा है,तेज हवाएं चलने लगी हैं!
हमारे 'तेज' चैनलों के बहादुर संवाददाताओं को फील्ड पर कैमरे ,माइक लेकर'रेडी' (ढींग चिका ढींग स्टाइल )कर दिया गया है.कई स्पांसर भी मिल गए हैं.आप सब लोग जाते-जाते यह भी देख सकें कि आपका कौन साथी आपके साथ जा रहा है ?मतलब,मजे से मरते हुए ऊपर जाएँ !


महाप्रलय का अगला दिन (२३ मई २०११)

आज सुबह नींद जल्दी खुल गई तो जिंदा होने का अहसास नहीं हो पा रहा था.इसलिए मैंने अपने बदन पे दो-तीन चिकोटी काट कर तसदीक करी कि वाकई में जिंदा हूँ ? बदन में फुल हरकत पाकर सुकून हुआ.भाई लोगों की तमाम कोशिशों के बावजूद हम कायम हैं ,दुनिया कायम है!


पिछले कई रोज से सबसे तेज चैनल ख़बरों से ही क़यामत ढाए हुए थे.कल रात को भी समाचार सुनने बैठा तो इसी के बारे में चर्चा होने वाली थी,झट से टीवी ऑफ करके सो गया.

इस बीच समाचार आये हैं कि कल आँधी-पानी से कुछ जगहों पर बीसेक लोग अपनी जान से हाथ धो बैठे हैं.ई ल्यो ,अब इसको भी वे अपने तईं खबर बना देंगे,जैसे पहली बार कोई बारिश या तूफ़ान में मरा हो !


चलते-चलते

वाकई इस 'क़यामत' ने बहुतों को 'मटीरियल' दे डाला है,इससे जो बच भी गवा तो ससुर पढ़-पढ़ के मरेगा !


5 टिप्‍पणियां:

  1. आत्मा अजर है,अमर है अवध है संतोष भाई.
    लगता है सब के सब 'देह' को लेकर परेशान हैं न्यूज चैनल
    वालों को समझाईये.
    उन्हें लेकर मेरे ब्लॉग पर चले आईयेगा.
    कुछ समाधान जरूर मिलेगा 'प्रलय' का,सरयू जी में स्नान करके.

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  2. महाराज काहे माठा किये हो ......ई क़यामतवा के दिन का ......ससुर अइबे ना भा|......जित्ते दिन करम धरम का हिसाब बकिया है .......उत्ते दिना कुछ नहीं होयें वाला|
    निशा-खातिर रहियो .......!

    और साफ़ साफ़ सुन लेव .....पढ़ पढ़ के कब्बो नहीं मर सकतेन !!
    अब चला चाही .......जय राम जी की !

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  3. kyamat ka din gaya kintu abhi bhi kayamat zari hai aur vah aapki post se jhalak rahi hai .bahut khoob...

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  4. फेसबुक पर अजय कुमार झा : और कौनो मरे न मरे ..पादरिया पक्का मर जाएगा हदस के !

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  5. कमायत ने कयामत ढा दी, नहीं तो जिन्दगी सही सलामत चल ही रही थी।

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