18 अप्रैल 2011

तीन लघु कवितायें !


फेसबुक पर लिखी हुई तीन रचनाएँ

(१)
इस जीवन में

सुख होते हैं

दुःख होते हैं,

हम हँसते हैं,हम रोते हैं .

सुख नकली है,दुःख असली है,

जब हम अपने से मिल रोते हैं,

पास हमारे हम होते हैं !

अपने गम हम खुद धोते हैं,

शायद इसीलिए रोते हैं ! 


सन्दर्भ:साथी अजय झा के पिताजी के देहावसान पर

(२)

सुबह हुई तो मुरझाये थे
कुम्हलाये थे,
हम अब ऐसे दरख़्त हैं,
जो ढलती शाम में खिलते हैं 


सन्दर्भ :एक दिन का निजी अनुभव 


 (३)

पुराना जा रहा है
नया आ रहा है
न जाने वाले का गम
न आने वाले का ख़ैर मकदम
जिसे जाना चाहिए
वह मजबूती से जमा है
भ्रष्टाचार  अब पांचवां खम्बा है !

सन्दर्भ:नए साल पर (२०११)

11 टिप्‍पणियां:

  1. संतोष जी,
    तीनों कवितायेँ उत्तम और गंभीर भावों का प्रेषण करती हैं.
    आपके कवि हृदय को प्रणाम.
    भ्रष्टाचार अब पांचवा खम्बा है हा.. हा....इतना मान दोगे तो
    कहीं पहला ही न बान जाये किसी दिन.

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  2. पुराना जा रहा है
    नया आ रहा है
    न जाने वाले का गम
    न आने वाले का ख़ैर मकदम
    जिसे जाना चाहिए
    वह मजबूती से जमा है
    भ्रष्टाचार अब पांचवां खम्बा है !

    एकदम सधी हुई पंक्तियाँ सटीक अर्थ संप्रेषित करती हुई ..शुक्रिया आपका

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  3. आपकी तीनों कवितायें भावों की तीन विमायें बताती हैं, प्रवाहमयी, भावमयी।

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  4. वाह तीनों की तीनों अच्छी है.

    क्या बात है
    "अपने गम हम खुद धोते हैं,
    शायद इसीलिए रोते हैं ! "

    क्या बात है
    भ्रष्टाचार अब पांचवां खम्बा है !

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  5. संतोष जी,
    तीनों कवितायेँ उत्तम है-अच्छी है.badhai

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  6. सुख नकली है,दुःख असली है, भावपूर्ण कवितायें

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  7. Santosh ji aapke blog ka parichay maine ''ye blog achchha laga '' par prastut kiya hai .aap ''http://yeblogachchalaga.blogspot.com ''URL par aaye v apne vicharon se ham sabhi ko avgat karaye .dhanywad .

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  8. ye blog achchha laga se aapke blog par aana hua aur aapki sateek bhavabhivyakti ne yahan aana sarthak sabit kar diya .bahut sundar bhavabhivyakti.

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  9. @Rakesh Kumar हाल-फिलहाल तो यू अव्वल नम्बर पर ही है !


    @केवल राम आपका धन्यवाद !


    @प्रवीण पाण्डेय बिलकुल सही और तुरत पहचाना आपने ! आभार !


    @Sonika आभार !

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  10. @शिखा कौशिक आपने यहाँ पधारकर कृपा की,धन्यवाद !


    @G.N.Shaw सार्थकता तभी होगी जब समस्या का निदान हो जायेगा ! आभार !


    @शिखा कौशिक आपके बताए लिंक पर जाना नहीं हो पा रहा है ! धन्यवाद !


    @शालिनी कौशिक सादर अभिवादन सहित !

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  11. संतोष जी एक बार फिर मेरे ब्लॉग पर दर्शन दें.रामजन्म पर दूसरी पोस्ट जारी कर दी है.आपके सुवचनों का इंतजार है.

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