5 सितंबर 2013

अंकल सैम का अमन !

हमले की सारी तैयारियाँ हो चुकी हैं,
रुक्के हाथ में आ गए हैं,
सबकी सहमति दर्ज़ कर ली गई है,
मित्र देशों ने गरदनें हिला दी हैं
बस ,
अब अंकल सैम का हाथ
मिसाइल की बटन दबाने को बेताब है,
फिर सीरिया में धमाके के साथ शांति
और सारे संसार में चुप्पी छा जाएगी,
इस तरह दुनिया खुशहाल हो जाएगी
  

10 टिप्‍पणियां:

  1. विज्ञान के पुरोधाओं के लिए विचारणीय विषय है, वे इस पर कुछ कहें, करें।

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  2. अर्थव्‍यवस्‍था में नए नए काम धंधे भी तो पैदा करने हैं

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  3. ब्लॉग बुलेटिन की आज की बुलेटिन अब रेलवे ऑनलाइन पूछताछ हुई और आसान - ब्लॉग बुलेटिन मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

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  4. करते हैं इन्तजार, न जाने कितने युद्ध लिखे हैं।

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  5. अमरीका की दादागिरी से कहीं ज्यादा खतरनाक इनका आतंकवाद है.

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  6. अमरीका की दादागिरी से कहीं ज्यादा खतरनाक इनका आतंकवाद है.

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