जड़ से सबको साफ़ किया
फिर कहते हैं माफ़ किया !
लाठी-गोली बच्चों को दी
कहते हैं इंसाफ़ किया।
‘डायर’ बनकर हमला बोला
कायर बनकर माफ़ किया।
जो भी सच की हाँक लगाता
उसको वतन-ख़िलाफ़ किया।
फ़स्ल ज़हर की पकी खड़ी है
काटो निकलो माफ़ किया !
आपकी लिखी रचना ब्लॉग "पांच लिंकों का आनन्द" बुधवार 5 अगस्त 2026 को साझा की गयी है......... पाँच लिंकों का आनन्द पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!
जय हो l
😂😂😂
आपकी लिखी रचना ब्लॉग "पांच लिंकों का आनन्द" बुधवार 5 अगस्त 2026 को साझा की गयी है......... पाँच लिंकों का आनन्द पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!
जवाब देंहटाएंजय हो l
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