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प्रिंट मीडिया में बैसवारी
बेटे की तूलिका
टेढ़ी उँगली
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7 सितंबर 2026
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घर में रहते घर ढहते, बाहर जाते पुल ढहते, सड़कें धँसतीं, गड्ढे हँसते, वो केवल ‘फू-फा’ करते! जान हमारी सबसे सस्ती, मौत की पूरी गारंटी, अच्...
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6 सितंबर 2026
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घोर बादल प्रलय के छँटने लगे हैं, वो फिर पुराने वायदे रटने लगे हैं। मंच कोई भी नहीं वो छोड़ते हैं अब, ख़ुद की कही हर बात से हटने लगे हैं। पढ...
2 सितंबर 2026
अव्वल दर्जा
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वोट चुराकर वो उछले हैं , जीडीपी में फिर फिसले हैं। झूठा डाटा पेश कर रहे देखो वो कितने छिछले हैं ! आत्म - मुग्ध रहत...
28 अगस्त 2026
अच्छे दिन
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अच्छे दिन तो अब आए हैं ! घर कै सक्कर महँगी होइगै, गाड़ी सब एथनॉल सुरुकि गै। रूपिया लुढ़कि पहुँचिगा सौ तक, रोजगारौ सरकार डकरि गै॥ कर्ज़ामाफ़...
20 अगस्त 2026
ग़ज़ल
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धर्म के धंधे पुराने हो गए, धीरे-धीरे वो सयाने हो गए! रक्त-रंजित जीभ लेकर घूमते, बद-सियासत के ठिकाने हो गए। दिन-दहाड़े लूटकर मंदिर चले, रघुब...
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